धर्म समाचार

आनंद की स्थिति में मानसिक शांति को विशेष महत्व दिया जाता है

आनंद की स्थिति में मानसिक शांति को विशेष महत्व दिया जाता है  आनंद की स्थिति में मानसिक शांति को विशेष महत्व दिया जाता है। आनंद के बारे में बताया नहीं जा सकता, बल्कि इसकी अनुभूति की जा सकती है। इस संदर्भ में यह जानना महत्वपूर्ण है कि आनंद अहंकार-शून्य अवस्था है। चेतना के दो तल हैं। पहला तल व्यक्तित्व या ...

Read More »

वास्‍तुशास्‍त्रों में रसोई घर को लेकर है ये कुछ महत्‍वपूर्ण जानकारी

वास्‍तुशास्‍त्रों में रसोई घर को लेकर है ये कुछ महत्‍वपूर्ण जानकारी  वास्‍तुशास्‍त्रों में रसोई घर को लेकर कुछ महत्‍वपूर्ण बातों का वर्णन किया गया है जैसे कि आप किस दिशा की तरफ मुंह करके खाना बनाते और खाते हैं, या आप किस अवस्था में रसोई में प्रवेश करते हैं ये सभी महत्वपूर्ण बाते हैं, जिसका प्रभाव सीधे आपके परिवार पर ...

Read More »

भगवान शंकर ने कण्णप्प से कहा मुझे पूजा पद्धति नहीं, श्रद्धापूर्ण भाव ही प्रिय है

भगवान शंकर ने कण्णप्प से कहा मुझे पूजा पद्धति नहीं, श्रद्धापूर्ण भाव ही प्रिय है भील कुमार कण्णप्प वन में भटकते-भटकते एक मंदिर के समीप पहुंचा। मंदिर में भगवान शंकर की मूर्ति देख उसने सोचा- भगवान इस वन में अकेले हैं। कहीं कोई पशु इन्हें कष्ट न दे। शाम हो गई थी। कण्णप्प धनुष पर बाण चढ़ाकर मंदिर के द्वार ...

Read More »

जीव को स्वयं न तो जन्म चुनने का अधिकार है और न ही मृत्यु प्राप्त करने का

जीव को स्वयं न तो जन्म चुनने का अधिकार है और न ही मृत्यु प्राप्त करने का  जीवन और मृत्यु परमात्मा के हाथ में है। जीव को स्वयं न तो जन्म चुनने का अधिकार है और न ही मृत्यु प्राप्त करने का। जीवन जीने के बाद जब जीव मृत्यु में प्रवेश करता है तो उस अवस्था में उसे फिर जन्म ...

Read More »

वास्तुदोष निवारण के लिये फ़ेंगशूई की निम्न वस्तुओ का प्रयोग लाभदायक है

वास्तुदोष निवारण के लिये फ़ेंगशूई की निम्न वस्तुओ का प्रयोग लाभदायक है वास्तुदोष निवारण के लिये फ़ेंगशूई की निम्न वस्तुओ का प्रयोग लाभदायक है। वास्तुशास्त्र या फ़ेंगशूई वायु और पानी पर आधारित इस वास्तुकला में वस्तुओ की सही जमावट पर ध्यान दिया जाता है। यह विध्या बौद्ध धर्म की देन है। जो मुलभूत तो भारतीय स्थापत्य कला का ही आधार है। पाकृतिक तत्व जैसे की ...

Read More »

गुरु अर्जुन देव के स्वयं के लगभग 2000 शब्द गुरु ग्रंथ साहब में संकलित हैं

गुरु अर्जुन देव के स्वयं के लगभग 2000 शब्द गुरु ग्रंथ साहब में संकलित हैं सिखों के चौथे गुरु रामदास जी के पुत्र थे, पांचवे गुरु अर्जुनदेव जी। अर्जुनदेव की मां का नाम भानी था। उनकी पत्नी का नाम गंगा जी और पुत्र का नाम हरगोविंद सिंह था। जो आगे चलकर सिखों के 6वें गुरु बने। उस समय गुरु रामदास ...

Read More »

श्री अमरनाथ यात्रा करने को हर यात्री के लिए आवश्‍यक है ये बातें

श्री अमरनाथ यात्रा करने को हर यात्री के लिए आवश्‍यक है ये बातें भारत भर में बैंकों की नामित शाखाऍ के माध्यम से श्री अमरनाथ यात्रा 2017 पंजीकरण और यात्रा परमिट सबसे पहले आने वाले को सबसे पहले के आधार पर किया जाएगा। यात्रियों के  लिए ये बातें आवश्‍यक है;   एक यात्रा परमिट केवल एक यात्री पंजीकरण के लिए मान्य होगा। प्रत्येक पंजीकरण ...

Read More »

शास्त्रों के अनुसार सोते समय किधर रखें सिर और पैर

शास्त्रों के अनुसार सोते समय किधर रखें सिर और पैर हमारे सोने का तरीका और हमारा बेड भी कई तरह की अच्छी और बुरी बातों का कारण बन सकता है। वास्तु शास्त्र में सोने को लेकर लिए भी कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन न करने पर हमें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन ...

Read More »

तो इस तरह गुरु साहिब ने खालसा पंथ की स्थापना की

तो इस तरह गुरु साहिब ने खालसा पंथ की स्थापना की  अप्रैल के मध्य में मनाई जाती है बैसाखी। इस दिन सूर्य अपनी उच्च गति में होता है। मान्यता है कि इस दिन व्यास जी ने ब्रह्मा जी द्वारा रचित चार वेदों का प्रथम बार पाठ किया था। यह भी मान्यता है कि इसी दिन महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त ...

Read More »

बैसाखी पर सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना

बैसाखी पर सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना जम्मू । खालसा पंथ के स्थापना दिवस बैसाखी पर पाकिस्तान के एतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए सिख श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ।  गुरुद्वारा बाबा फतेह सिंह गांधी नगर में अरदास के बाद दो बसों में सवार 80 श्रद्धालु पाकिस्तान के लिए रवाना हुए। कुछ श्रद्धालु पहले ही अपने वाहनों से अमृतसर पहुंच ...

Read More »